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दिल ने इन्तजार किया ..

Posted On: 5 Mar, 2017 कविता में

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उनका न आना तो तय था ,
फिर भी दिल ने इन्तजार किया |

वो दूर थे बहुत पर,
हर आहट ने बेकरार किया |

उनकी बातें न जाने कितनी सच ,
कितनी झूठी थी मगर ,

सच मानिये दिल ने,
उनकी हर बात का एतबार किया |

बहुत कुछ कहनी थी उनसे
,उनकी बेरुखी की बातें ,

र जाने के बाद उसने
न रुख भी इधर का एकबार किया |

जाओ न मुड़ के कभी हम भी
देखेंगे उन राहों को ,

जिन रास्तों ने था कभी ,
इस दिल को गुलजार किया |

फिर भी दिल ने इन्जार किया ,
न जाने क्यों इन्तजार किया |

अलका …

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
March 6, 2017

प्रिय अलका जी भावुक मन को चुने वाले भावों से पूर्ण पंक्तियाँ

    Alka के द्वारा
    March 6, 2017

    आदरणीय शोभा जी , कविता पसंद करने व् सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद् . साभार ..


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