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Alka


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कोई बात तो है ..

Posted On: 5 Feb, 2013  
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कविता में

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विद्यालय या व्यावसायिक इकाइयाँ

Posted On: 29 Jan, 2013  
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Others मेट्रो लाइफ में

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हजारों सवाल ऐसे क्या किया जाये

Posted On: 8 Nov, 2012  
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कविता में

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यादें बचपन की ..

Posted On: 15 Oct, 2012  
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Others कविता में

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क्या जरुरी है हर रिश्ते को नाम दिया जाये …….

Posted On: 22 Sep, 2012  
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Others कविता में

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मेरी लाडो

Posted On: 20 Sep, 2012  
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हिंदी की कहानी उसी की जुबानी

Posted On: 17 Sep, 2012  
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मेरे पापा

Posted On: 13 Sep, 2012  
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माँ की जिम्मेदारिया

Posted On: 13 Sep, 2012  
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आइडियल होममेकर

Posted On: 1 Sep, 2012  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

आदरणीया अलका जी ! सादर अभिनन्दन और समाज के लिये एक बेहद प्रेरक रचना की प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई ! आज सुबह एक महिला आश्रम में आई थीं ! उन्होंने बताया कि दो साल पहले एक नवजात बच्ची को लोग फेंकने ले जा रहे थे, उसने काफी मिन्नत कर उनसे उस अबोध और मासूम बच्ची को ले लिया और उसे बहुत अच्छे ढंग से पालपोस रही हैं ! उनके बड़े सयुंक्त परिवार की वो बच्ची अब लाडली बन चुकी है ! ख़ुशी से मेरी आँखे भर आईं ! हमारे समाज में जबतक ऐसे दैविक प्रवृतियों से परिपूर्ण लोग हैं तबतक ऐसी अभागिन कुछ बच्चियों की रक्षा तो होती ही रहेगी, जिन्हें आसुरी प्रवृति वाले लोग फेंकने या मारने के बारे में सोचते हैं ! अच्छी प्रस्तुति हेतु सादर आभार !

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